गया के लुटुआ जंगल में नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, सीआरपीएफ ने 4 किलो का आईईडी बरामद कर किया ध्वस्त

अपराध | 📅 10 Jul 2026 | 👁️ 130 Views

लुटुआ थाना क्षेत्र के घने जंगलों में नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 47वीं बटालियन के जवानों ने समय रहते विफल कर दिया। शुक्रवार की सुबह विशेष क्षेत्र प्रभुत्व (SADO) अभियान के दौरान खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन में जवानों ने लगभग चार किलोग्राम वजनी शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किया। बाद में बम निरोधक दल ने नियंत्रित विस्फोट (डिमोलिशन) के जरिए उसे सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 9:45 बजे सीआरपीएफ की डी/47 कंपनी की टीम सोंदाहा कैंप से लगभग 6.3 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम स्थित दुमारी नाला जंगल क्षेत्र में विशेष सर्च अभियान चला रही थी। इसी दौरान जवानों को काले पॉलीथिन में लिपटा स्टील के कंटेनर में छिपाकर रखा गया एक संदिग्ध विस्फोटक दिखाई दिया। सावधानीपूर्वक जांच करने पर वह करीब चार किलोग्राम का आईईडी निकला। आशंका जताई जा रही है कि नक्सलियों ने सुरक्षा बलों की आवाजाही को निशाना बनाने और बड़ी घटना को अंजाम देने की मंशा से इस विस्फोटक को जंगल में छिपाकर रखा था। समय रहते इसकी बरामदगी होने से सुरक्षा बलों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकी और एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। आईईडी मिलने के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर बम निरोधक दल को मौके पर बुलाया गया। सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सहायक कमांडेंट ए.सी. राजेश कुमार मौर्य के नेतृत्व में डिमोलिशन की कार्रवाई सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। इसके बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के जंगल में व्यापक तलाशी अभियान भी चलाया, ताकि अन्य विस्फोटक सामग्री या नक्सलियों की मौजूदगी का पता लगाया जा सके। सीआरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि गया के नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ जंगलों में कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे हैं, जिससे नक्सलियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

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