शेरघाटी मे करैत सांप के डंसने से 12 वर्षीय बालक की मौत, परिजनों मे मचा कोहराम
Category: गया | Date: 31 Aug 2026 | 👁️ Views: 329
शेरघाटी (गया)। शेरघाटी थाना क्षेत्र के सोनडीहा गांव में सोमवार की अहले सुबह करैत सांप के डंसने से 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान सोनडीहा गांव निवासी मूनारिक यादव के पुत्र प्रिंस कुमार के रूप में हुई है। सर्पदंश के बाद स्वजन उसे इलाज के लिए शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल मगध अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल, गया रेफर कर दिया। गया में इलाज के दौरान बालक की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, सोमवार की अहले सुबह करीब 2:30 बजे प्रिंस कुमार को करैत सांप ने डंस लिया था। सर्पदंश के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्वजन आनन-फानन में उसे लेकर शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद तत्काल उपचार शुरू किया।
ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. धीरज कुमार ने बताया कि अस्पताल लाए जाने के समय बालक की हालत गंभीर थी। उसकी धड़कन काफी तेज चल रही थी। वह उल्टी कर रहा था और उसे नींद जैसी स्थिति महसूस हो रही थी। साथ ही उसका रक्तचाप भी बढ़ा हुआ था। सर्पदंश के लक्षणों को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया।
डॉ. धीरज कुमार के अनुसार, बालक को स्लाइन के माध्यम से एंटी स्नेक वेनम (ASV) दिया गया। आवश्यक उपचार करने के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बिना विलंब किए उसे बेहतर इलाज के लिए मगध अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल, गया रेफर कर दिया गया।
अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम नहीं होने का परिजनों ने लगाया था आरोप
घटना के बाद परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया था कि शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल में सर्पदंश के उपचार के लिए आवश्यक दवा उपलब्ध नहीं थी। परिजनों का कहना था कि अस्पताल में समुचित इलाज की सुविधा नहीं मिलने के कारण बालक को गया रेफर किया गया।
हालांकि, अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. उदय कुमार ने परिजनों के इस आरोप को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि सोमवार की अहले सुबह करीब 3:30 बजे सर्पदंश से पीड़ित बालक अस्पताल पहुंचा था। चिकित्सकों ने तत्काल उसका उपचार शुरू किया और एंटी स्नेक वेनम स्लाइन के माध्यम से दिया गया। बालक की स्थिति नाजुक होने के कारण उसे तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया।
डॉ. उदय कुमार ने कहा कि अस्पताल में सर्पदंश के उपचार के लिए एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध था। संबंधित बालक को भी चिकित्सकीय निगरानी में यह दवा दी गई थी। जिस समय बालक अस्पताल पहुंचा था, उस समय ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने उपचार किया था और एंटी स्नेक वेनम दिए जाने की पुष्टि की है।
गया में इलाज के दौरान मौत
शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद स्वजन प्रिंस कुमार को लेकर गया पहुंचे। वहां मगध मेडिकल अस्पताल में उसका इलाज शुरू किया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बालक की मौत की सूचना मिलते ही स्वजनों में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के बाद गांव में भी मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने बरसात के मौसम में बढ़ रही सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए अनुमंडलीय अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम समेत सभी आवश्यक दवाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सर्पदंश के मामलों में समय पर उपचार मिलने से मरीज की जान बचने की संभावना बढ़ जाती है।
←
Previous News
→
15वीं राज्य स्तरीय सिटिंग वॉलीबॉल टूर्नामेंट का फाइनल आज गया और जहानाबाद के बीच खेला गया। फाइनल में जहानाबाद ने एक रोमांचक मैच में गया को 21-19 और 21-17 से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया।
Next News
ट्रक से लगभग 26 लाख मूल्य की 2039. 040 लीटर विदेशी शराब बरामद, एक गिरफ्तार
🔥 Recent Top 5 News