नशामुक्त भारत और राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर शेरघाटी पहुंची अंतरराज्यीय बाइक रैली
Category: गया | Date: 14 Oct 2026 | 👁️ Views: 12
राष्ट्रीय एकता, आपसी भाईचारे और नशामुक्त भारत का संदेश लेकर निकली अंतरराज्यीय राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली बुधवार को गया जिले के शेरघाटी पहुंची। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और 31 अक्टूबर को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जा रहा है। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, रोजगार और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का संदेश दिया जा रहा है।
रैली में पश्चिम बंगाल और झारखंड पुलिस के जवान शामिल हैं। बिहार से गुजर रही इस रैली के माध्यम से राष्ट्रीय एकता के साथ-साथ नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। शेरघाटी पहुंचने पर स्थानीय पुलिस अधिकारियों और जवानों ने रैली में शामिल पुलिसकर्मियों का स्वागत किया। इसके बाद रैली आगे के पड़ाव के लिए रवाना हुई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रैली औरंगाबाद की ओर बढ़ते हुए वाराणसी तक पहुंचेगी।
*राष्ट्रीय एकता के साथ नशामुक्त भारत का संदेश*
गया जिले की ग्रामीण पुलिस अधीक्षक दिव्यांजलि जायसवाल ने बताया कि 31 अक्टूबर को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में अंतरराज्यीय बाइक रैली का आयोजन किया गया है। इसमें पश्चिम बंगाल और झारखंड पुलिस के जवान शामिल हैं। रैली विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए लोगों को राष्ट्रीय एकता, आपसी भाईचारे और नशे के खिलाफ जागरूक कर रही है।
उन्होंने कहा कि रैली का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता और सद्भाव की भावना को मजबूत करना तथा लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को नुकसान पहुंचाने के साथ परिवार और समाज पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ऐसे में लोगों को नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है।
ग्रामीण एसपी के अनुसार, अलग-अलग राज्यों की पुलिस के जवानों की भागीदारी से आपसी समन्वय और सहयोग का संदेश भी लोगों तक पहुंच रहा है। पुलिस का प्रयास है कि राष्ट्रीय एकता दिवस के संदेश को केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि इसे सामाजिक जीवन में भी अपनाया जाए।
*नशे को कहें ना', युवाओं को जागरूक करने पर जोर*
बिहार पुलिस की ओर से जारी जागरूकता पोस्टर में 'नशे को कहें ना' और 'आपका भविष्य आपके हाथों में है' जैसे संदेशों के माध्यम से युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील की गई है। पोस्टर पर 'नक्सल पर जीत बनी बिहार की पहचान, अब नशे पर विजय-बिहार की नई उड़ान' का संदेश भी दिया गया है। इसका उद्देश्य नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाना और नशामुक्त बिहार के संकल्प को मजबूत करना है।
पुलिस की इस पहल में युवाओं को विशेष रूप से जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। नशे की लत व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक स्थिति को प्रभावित करने के साथ उसकी पढ़ाई, रोजगार और पारिवारिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। ऐसे में युवाओं को खेलकूद, शिक्षा, कौशल विकास और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार, समाज, शिक्षण संस्थानों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी भी इसमें महत्वपूर्ण है। लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने और जरूरतमंदों को उचित सहायता तक पहुंचाने से इस दिशा में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
*पटना से वाराणसी तक अभियान का संदेश पहुंचाने की पहल*
बिहार पुलिस के जागरूकता पोस्टर में पटना, वाराणसी, भोपाल और गुजरात के एकता नगर जैसे प्रमुख स्थानों का उल्लेख किया गया है। पोस्टर पर 'ड्रग-फ्री बिहार, ग्लोरियस बिहार' अर्थात नशामुक्त बिहार, गौरवशाली बिहार तथा 'फाइट अगेंस्ट ड्रग्स' का संदेश भी अंकित है। इन संदेशों के माध्यम से नशे के खिलाफ सामूहिक संकल्प और जनजागरूकता को बढ़ावा देने की पहल की गई है।
रैली में विभिन्न राज्यों के पुलिसकर्मियों की भागीदारी राष्ट्रीय एकता और आपसी सहयोग की भावना को भी प्रदर्शित करती है। अलग-अलग क्षेत्रों से गुजरने के दौरान आम लोगों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने तथा समाज को नशे के खिलाफ एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है।
*शेरघाटी में पुलिस अधिकारियों की रही मौजूदगी*
रैली के शेरघाटी पहुंचने के मौके पर शेरघाटी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 संदीप कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 राजन कुमार, इंस्पेक्टर नेयाज अहमद, शेरघाटी थाना प्रभारी प्रमोद कुमार और एसआइ मोहम्मद इम्तियाज सहित पुलिस टीम के अन्य जवान मौजूद रहे। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने रैली में शामिल जवानों का स्वागत किया और अभियान के उद्देश्यों को सफल बनाने में सहयोग दिया।
*नशे के खिलाफ सामूहिक भागीदारी जरूरी*
बिहार पुलिस की इस पहल का संदेश स्पष्ट है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है। युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाना, नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देना और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता उपलब्ध कराना समय की मांग है।
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