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कांति देवी हत्याकांड पर भड़के जीतन राम मांझी, बोले- ‘देश-विदेश में कहीं भी छिपा हो, खोजकर गिरफ्तार करो’
कांति देवी हत्याकांड पर भड़के जीतन राम मांझी, बोले- ‘देश-विदेश में कहीं भी छिपा हो, खोजकर गिरफ्तार करो’
Category: शहर | Date: 11 Oct 2026 | 👁️ Views: 188
‘हमारे घर में भी उन लोगों ने काम किया है’—पीड़ित परिवार से मिले केंद्रीय मंत्री, आरोपित की गिरफ्तारी और परिवार को न्याय दिलाने का दिया भरोसा
कांति देवी हत्याकांड को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का गुस्सा फूट पड़ा। पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि हत्या का आरोपित देश में हो या विदेश में, उसे खोजकर गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। घटना को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए मांझी ने कहा, “अच्छा घर नेवता दिया है, उनको नाश होना है, मरना है।” उनके इस बयान से आरोपितों के प्रति उनकी नाराजगी साफ झलकी।
दरअसल, खिजरसराय थाना क्षेत्र के बाना मांझी टोला स्थित भूईं टोली में कांति देवी की ईंट से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से आरोपित फरार है और इलाके में दहशत का माहौल है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि आरोपित की गिरफ्तारी और न्याय दिलाने के लिए हरसंभव पहल की जाएगी।
मुलाकात के दौरान परिजनों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और डराने-धमकाने की शिकायत की। इस पर मांझी ने कहा कि किसी को डरने की जरूरत नहीं है। प्रशासन को मामले में गंभीरता दिखानी होगी और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
इस दौरान मांझी ने एक और अहम बात कही। उन्होंने कहा, “हमारे घर में भी उन लोगों ने काम किया है।” उनके इस बयान ने मुलाकात के दौरान उनकी नाराजगी और मामले को लेकर गंभीरता को सामने रखा।
हत्याकांड के साथ-साथ भूईं टोली के ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री के सामने बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में शौचालय और पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। शौचालय नहीं होने के कारण लोगों को खेतों में जाना पड़ता है और कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री ने जिलाधिकारी से फोन पर बात की। उन्होंने तीन महीने के भीतर शौचालय और नल-जल की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा दिलाने और कल्याण विभाग के माध्यम से नियमानुसार नौकरी संबंधी सहायता की संभावनाओं पर जानकारी लेने की बात कही।
मांझी ने ग्रामीणों की जमीन से जुड़े दस्तावेजों की समस्या भी प्रशासन के सामने रखी। उन्होंने भरोसा दिया कि जिलाधिकारी और कमिश्नर से जानकारी लेकर मामले की निगरानी करेंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके।
फिलहाल, कांति देवी हत्याकांड में आरोपित की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने का इंतजार है। केंद्रीय मंत्री के सख्त रुख के बाद अब पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
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