शेरघाटी के बुढ़िया नदी में 6 वर्षीय बच्चे की डूबने से मौत, बालू खनन से बने गड्ढों पर ग्रामीणों में आक्रोश
Category: City | Date: 2026-09-16 13:22:06 | Views: 20
शेरघाटी थाना क्षेत्र के महमदपुर गांव के पास बुढ़िया नदी में बुधवार को बालू खनन से बने गहरे गड्ढे में डूबने से छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। मृत बालक की पहचान महमदपुर गांव निवासी प्रमोद मांझी के छह वर्षीय पुत्र प्रेम कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद करीब चार घंटे तक स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की ओर से नदी में बच्चे की तलाश की गई। काफी मशक्कत के बाद बुधवार की शाम करीब पांच बजे ग्रामीणों ने गहरे गड्ढे से बच्चे के शव को बरामद किया।
शव बरामद होने के बाद स्वजन और ग्रामीण उसे आनन-फानन में अनुमंडल अस्पताल, शेरघाटी लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही महमदपुर समेत आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। अस्पताल परिसर में स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल था।
*दो-तीन दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया था प्रेम*
स्वजन के अनुसार, प्रेम कुमार बुधवार को अपने दो-तीन दोस्तों के साथ बुढ़िया नदी में नहाने के लिए गया था। इसी दौरान नहाते समय उसका पैर फिसल गया और वह नदी में बने गहरे गड्ढे में चला गया। बच्चे को डूबता देखकर उसके साथ मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाया और इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी।
बच्चे के नदी में डूबने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। स्थानीय तैराकों ने नदी में उतरकर बच्चे की तलाश शुरू की। शेरघाटी थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से खोजबीन शुरू कराई। अवर निरीक्षक पूजा कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही।
*एसडीआरएफ का इंतजार, ग्रामीणों ने पहले ही खोज निकाला शव*
बच्चे की तलाश के लिए प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया था। टीम के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा था। इस बीच स्थानीय तैराकों और ग्रामीणों ने अपने स्तर से लगातार नदी के गहरे पानी और गड्ढों में तलाश जारी रखी। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों को बच्चे का शव गहरे गड्ढे से मिल गया।
शव बाहर निकलते ही नदी किनारे मौजूद स्वजन चीत्कार मारकर रोने लगे। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। बच्चे की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
*बालू खनन से बने गड्ढों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश*
घटना के बाद बुढ़िया नदी में बालू खनन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में कई स्थानों पर बालू निकाले जाने के कारण गहरे गड्ढे बन गए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी जमा हो गया है, जिससे इसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसे स्थान बच्चों के लिए बेहद खतरनाक बने हुए हैं।
ग्रामीणों ने नदी में बालू खनन की जांच कराने, खनन से बने गहरे गड्ढों को चिन्हित करने तथा हादसे की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी में बने गहरे गड्ढों को लेकर समय रहते सुरक्षा के उपाय किए जाते तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
हालांकि, बालू खनन को लेकर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा रही है। घटना के वास्तविक कारणों और नदी में खनन की स्थिति को लेकर संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
*बीडीओ ने कहा- एसडीआरएफ को बुलाया गया था*
प्रखंड विकास पदाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि बच्चे की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया था। प्रशासन की ओर से घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। नदी में बालू खनन को लेकर ग्रामीणों की ओर से की गई शिकायतों की भी जानकारी ली जा रही है।
*कानूनी प्रक्रिया के तहत मिलेगा मुआवजा*
अंचलाधिकारी उषा कुमारी ने बताया कि घटना के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। नियमानुसार मृत बच्चे के आश्रित को मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन की ओर से घटना से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
शव बरामद होने के बाद स्वजन और ग्रामीण उसे आनन-फानन में अनुमंडल अस्पताल, शेरघाटी लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही महमदपुर समेत आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। अस्पताल परिसर में स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल था।
*दो-तीन दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया था प्रेम*
स्वजन के अनुसार, प्रेम कुमार बुधवार को अपने दो-तीन दोस्तों के साथ बुढ़िया नदी में नहाने के लिए गया था। इसी दौरान नहाते समय उसका पैर फिसल गया और वह नदी में बने गहरे गड्ढे में चला गया। बच्चे को डूबता देखकर उसके साथ मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाया और इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी।
बच्चे के नदी में डूबने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। स्थानीय तैराकों ने नदी में उतरकर बच्चे की तलाश शुरू की। शेरघाटी थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से खोजबीन शुरू कराई। अवर निरीक्षक पूजा कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही।
*एसडीआरएफ का इंतजार, ग्रामीणों ने पहले ही खोज निकाला शव*
बच्चे की तलाश के लिए प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया था। टीम के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा था। इस बीच स्थानीय तैराकों और ग्रामीणों ने अपने स्तर से लगातार नदी के गहरे पानी और गड्ढों में तलाश जारी रखी। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों को बच्चे का शव गहरे गड्ढे से मिल गया।
शव बाहर निकलते ही नदी किनारे मौजूद स्वजन चीत्कार मारकर रोने लगे। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। बच्चे की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
*बालू खनन से बने गड्ढों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश*
घटना के बाद बुढ़िया नदी में बालू खनन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में कई स्थानों पर बालू निकाले जाने के कारण गहरे गड्ढे बन गए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी जमा हो गया है, जिससे इसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसे स्थान बच्चों के लिए बेहद खतरनाक बने हुए हैं।
ग्रामीणों ने नदी में बालू खनन की जांच कराने, खनन से बने गहरे गड्ढों को चिन्हित करने तथा हादसे की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी में बने गहरे गड्ढों को लेकर समय रहते सुरक्षा के उपाय किए जाते तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
हालांकि, बालू खनन को लेकर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा रही है। घटना के वास्तविक कारणों और नदी में खनन की स्थिति को लेकर संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
*बीडीओ ने कहा- एसडीआरएफ को बुलाया गया था*
प्रखंड विकास पदाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि बच्चे की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया था। प्रशासन की ओर से घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। नदी में बालू खनन को लेकर ग्रामीणों की ओर से की गई शिकायतों की भी जानकारी ली जा रही है।
*कानूनी प्रक्रिया के तहत मिलेगा मुआवजा*
अंचलाधिकारी उषा कुमारी ने बताया कि घटना के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। नियमानुसार मृत बच्चे के आश्रित को मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन की ओर से घटना से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।